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जहरीले फल [Moral Stories For kids In Hindi]

 जहरीले फल

जहरीले फल

गाँव में एक विशाल वृक्ष था| उस पर हमेशा ताज़े-रसीले फल लदे रहते| लोग उन्हें खाने को ललचा जाते, पर वे फल जहरीले थे जो भी उन्हें खाता, अपने होश खो देता या मर जाता| गाँव वाले इस बात को जानते थे, इसलिए कोई भी उन फलो को हाथ नही लगाता था, लेकिन अक्सर गाँव में आने वाले अजनबी उनका शिकार हो जाता|

       उसी गाँव में चार चोर रहते थे| वे अक्सर लोगो के घर में लूट-पाट करते| एक दिन उन्हें भी जहरीले फलों के बारे में पता चला| उनके नेता ने सुझाव दिया-“हमने तो कभी सोचा ही नही कि ये फल हमारे कितने काम आ सकते हैं”पर कैसे? बाकी चोरो के मुहँ पर हैरानी थी|

       नेता ने कहा-देखो, हम अधिकतर रात को चोरियाँ करते है और रात को यात्रा करने वाले यात्रियों को ठगते हैं| अब हम ऐसे लोगो को ठगेगे, जो जहरीले फल खाकर मर जाते है या बेहोश हो जाते है| ऐसे लोगो को ठगने में कोई डर नही हैं|

       बाकी तीनो ने नेता के सुझाव की तारीफ की और हामी भर दी| अक्सर वे पेड़ के पास की झाड़ियो के पीछे जा झिपते| जब भी कोई नया मुसाफिर उन जहरीले फलों को खाकर बेहोश होता या मर जाता, तो वे उसका सामान लूट कर भाग जाते|

जहरीले फल

       एक रात कुछ व्यापारी उस रास्ते से गुजरे| वे सुस्ताने के लिए कुछ देर वहाँ बैठ गए| फल देखते ही खाने को मन ललचा गया| उनमे से एक पेड़ पर चढ़ जहरीले फल तोड़ लाया| उसने उन्हें धोकर रख दिया व मित्र के सो कर उठने की राह देखने लगा|

       चरों ठग छिप कर देख रहे थे वे सोच रहे थे की जल्दी ही व्यापारी बेहोश हो जायेगे, तब वे जाकर उनका सामान लूट लेंगे|

       ज्यों ही व्यापारी नींद से जगा तो तारो-ताज़ा होने के बाद वह मित्र के साथ फल खाने लगा| तभी वहाँ एक घुड़सवार आया व उन्हें देखते ही चिल्लाया-मत खाना, ये जहरीले फल हैं| इन्हें फेंक दो|”

       एक व्यापारी ने हैरानी से पूछा| तुम्हे कैसे पता?

जहरीले फल


घुड़सवार बोला- “बड़ी हैरानी की बात है| आप लोग इतने सयाने हो कर भी ऐसी मुर्खता करने जा रहे हो|”

       व्यापारी उलझन में थे| घुड़सवार बोला-“गाँव में हर कोई जानता है की ये पेड़ हमेशा फलो से लदा रहता है| यदि वे इन्हें खाते, तो एक भी फल पेड़ पर न दिखता| क्या आप ने सोचा कि वे पेड़ के फलों को हाथ भी क्यों नही लगाते|”

       “हाँ, हमने तो इस  ओर ध्यान ही नही दिया ”

वे सब बोले, घुड़सवार ने चेतावनी दी- आप सबको पता होना चाहिए की ये फल जहरीले है| व्यापारियों को अपनी गलती का एहसास हो गया| उन्होंने घुड़सवार को धन्यवाद दिया, जिसने उनकी जान बचा ली थी और सबक सिखाया था की हमें कभी भी, कोई भी काम करने से पहले सोच-विचार कर लेना चाहिए|

 

शिक्षा- “ज्यादा तादात में और ज्यादा सुंदर कोई चीज आसानी से मिल रही हो तो उसके बारे में अच्छी तरह से सोच-विचार करना चाहिए तभी उसको लेना चाहिए क्योकि आज के समय में अच्छी चीज आसानी से मिलती नही हैं|”

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