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The Clever Goat [चालाक बकरी] Motivational Story For Kids

(The Clever Goat ) चालाक बकरी

Hindi Kahaniya, चालाक बकरी


      यह कहानी उमरिया जिले के पास के एक गावं की है | यह वही जगह है जो बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के पास है | बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान बाघों के लिए बहुत प्रशिद्ध है | इस उद्यान में बाघों के अलावा जंगली जानवरों की 200 से अधिक प्रजाति रहती है |

       वही पास के एक छोटे से गाव नयनपुरा  के एक किसान के घर पर चमेली नाम की बकरी अपने तीन बच्चो के साथ रहती थी | वह हमेशा अपने बच्चो को लेकर काफी चिंतित रहती थी | इसकी वजह उसके गाव के पास का जंगली वन था जहा हर प्रकार के जंगली जानवर रहते थे | उसे इसी बात का डर हमेशा सताता रहता था कि किसी दिन उसके बच्चे कही उस जंगल में खेलते खेलते न चले जाये ! और किसी जानवर का निवाला न बन जाये |
       वैसे तो चमेली बकरी अपने बच्चो का पूरा ख्याल रखती थी और उन्हें समय समय पर गाइड भी करती थी की उनमे से कोई भी जंगल में न जाये | पर कहते है न बच्चे तो बच्चे होते है | एक दिन बकरी के एक बच्चे ने किसान के बेटे और भेड़ को आपस में यह बात करते हुए सुन लिया की पास वाले जंगल में बहुत सारी हरी हरी घास  और हरे भरे पेड़ पोधे है | किसी दिन वहा ले जाकर तुम्हे खूब घास खाने को मिलेगी |
फिर देर कहा लगने वाली थी शरारती बकरी का बच्चा यह बात सुन हरी हरी घास को देखने की wish के साथ दबे पैर जंगल की ओर चल पड़ा |
       चमेली को जब इस बात का अहसास हुआ तो वो बहुत चिंतित हो गयी और उसे डूड़ने निकल पड़ी | बकरी का बच्चा जब तक खेलते खेलते जंगल पहुँच चुका था | बकरी के बच्चे का ध्यान खेल से हटा ही था की उसे तीन चार Hyenas ( लकड़ बग्गो ) ने घेर लिया | 
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जिन्हें देख कर बकरी का बच्चा डर गया और जोर जोर से रोने लगा और अपनी माँ को बुलाने की कोशिश करने लगा | सारे Hyenas यह देखकर उस पर जोर जोर से हंस रहे थे और आपस में बात करने लगे की वाह! आज तो मज़ा आ जायेगा बड़ा ही लजीज भोजन मिलेगा आज करने को ……..
अभी इनकी बात ही चल रही थी कि तभी चमेली भी वहा पहुँच गयी | Hyenas उसे चमेली को देख और खुश हुए कि क्या बात है 250 ग्राम के साथ 1 कि. ग्राम फ्री | आज तो शानदार दावत का लुफ्त उठाने मिलेगा ऐसा कह कर फिर जोर जोर से हँसने लगे |
         चमेली में कहा- ज्यादा दातं दिखाकर मत हंसो वरना महाराज शेर यहाँ आ जायेगे और तुम सबको खा जायेगे | सभी Hyenas ने आश्चर्य से पूंछा – महाराज शेर क्यों ?
चमेली ने कहा तुमको क्या लगता है – मै यहाँ अकेली अपने बच्चे के साथ इस खतरनाक जंगल में क्यों घूम रही हूँ, क्योकि महाराज शेर ने मुझे आदेश दिया है की तुम इस जगह को छोड़कर कही नही जाना जब तक कि मै यहाँ न आ जाऊं और यदि तुम लोगो ने मुझे या मेरे बच्चे को खाने का प्रयास किया तो राजा शेर तुम चारो में से किसी को नहीं छोड़ेगे |
तभी उनमे से एक Hyenas ने कहा राजा को कैसे पता चलेगा की हमने तुम्हे खाया है ?
चमेली मुस्कुराकर बोली- तुम्हे क्या लगता है! राजा मूर्ख है | अरे ! पागल वो इतने बड़े जंगल के राजा है तो उन्होंने हम दोनों के ऊपर नज़र रखने के लिए किसी को नही रखा होगा क्या ? वो देखो हाथी को राजा उसे हम पर नज़र रखने को कह गये होगे | अगर फिर भी तुम हम दोनों को खाना चाहते हो तो तुम्हारी जैसी मर्ज़ी | सरे Hyenas यह सुन कर तोडा घबरा गये और आपस में कुछ बात करने लगे | हाथी जरूर यह सब शेर को बता देगा और हम सब मारे जायेगे | उनमे से एक Hyenas ने कहा फिर करे क्या ? दूसरा बोला अपनी जान बचाओ, खिसक लो यहाँ से यही सबसे अच्छा उपाय है | यह कह कर सारे Hyenas वहा से चले गये |
चमेली अपने बच्चे को सहलाती हुई गावं की ओर चल पड़ी |
वो दोनों कुछ कदम चले ही थी कि उनकी अचानक  नज़र शेर पर पड़ी |

शेर भी उन्हें देख जोर से गुर्राया |
पलक झपकते ही शेर उनके सामने आ खड़ा हुआ | बच्चा यह देख सहम गया परन्तु चमेली ने धैर्य नही खोया वो डरी नही बल्कि साहस के साथ बोली- महाराज शेर रुक जाये हमे मत खाये, अन्यथा रानी शेरनी आपसे नाराज़ हो जाएगी. शेर बोला कहा हे शेरनी ? शेर बोला तुम अपनी सोचो शेरनी की नही | शेर यह बोल हँसने लगा | 
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चमेली फिर से बोली महाराज में आपकी शेरनी की बात कर रही हूँ |
मेरी शेरनी ?
हाँ
क्या आप सोच सकते है मै अपने बच्चे को लेकर इस ख़तरनाक जंगल में पिकनिक मनाने तो आई नही होगी?
नहीं, महाराज में आपकी शेरनी के हाथो पकड़ी गयी हूँ और वो मुझसे यही रुकने को कह गयी है जब तक वो यहाँ नही लौटती है| आज, वो मेरा और मेरे बच्चे का ताज़ा गोस्त आपके लिए बनाना चाहती है |
शेर बोला – मै तुम पर भरोसा क्यों करू?
चमेली बोली – मत करो भरोसा पर बाद में मुझे पर आरोप मत लगाना जब शेरनी आप पर गुस्सा हो जाये तो और अभी भी यदि आपको मुझ पर यकीन नही है तो इस कौये से पूछ लो जिसे शेरनी यहाँ मुझ पर नज़र रखने के लिए छोड़ गयी है | यदि किसी ने भी हमे नुकसान पहुचाया तो यह कौया शेरनी को सब जा कर बता देगा और वो बहुत गुस्सा हो जाएगी | यदि आप चाहो तो कोशिश कर सकते हो, परन्तु यह कौया किसी को नही छोड़ेगा | वह सब जा कर शेरनी को बता देगा क्योकि यह सब उनके आदेश पर ही हो रहा है | यह सुन कर शेर ने कौए को डराने की कोशिश की पर वह ज़रा सा भी नही हिला | यह देख कर चमेली फिर बोली-
यह नही डरेगा महाराज क्योकि विश्वासपात्र कोया किसी भी कीमत पर शेरनी के आदेश का पालन करेगा | शेर समझ गया उसने कहा तुम सही हो बाकई यह कोया तुम पर नज़र रखे हुए है | यह ज़रा भी अपनी जगह से नही हिला , मेरे डराने पर भी |
खेर शेरनी मेरे लिए ही तो डिनर बना रही है! यह कह कर शेर भी वहा से चला जाता है |
जैसे ही शेर वहा से जाता है चमेली और उसका बच्चा गाव की ओर जल्दी जल्दी चल पड़ते है | जितना तेज़ वो चल सकते है | पर मुसीबत अभी तली नही थी दोनों तोड़ा आगे चले ही थे की शेरनी की नज़र उन पर पड़ गयी और वह उन्हें देख जोर से गुर्रायी | यह देख बकरी का बच्चा माँ के पीछे छुप गया | बच्चे ने सोचा अब तो नही बचेगे गए काम से |
वाह ! राजा शेर तुम्हे खा कर आज रात बहुत खुश होगे |
परन्तु चमेली यह सुन कर गबरायी नही | उसने फिर साहस और बुद्धि के उपयोग से बात घुमा दी |
चमेली बोली – रानी शेरनी मै आपके और महाराज शेर के बीच इस प्यार को देख कर बहुत प्रभावित हूँ | आप दोनों एक दुसरे को खुश करने के ही प्रयास करते रहते हो |
शेरनी बोली – तुम यह क्या बोल रही हो ? तुम्हारा क्या मतलब है ?
आप हर रोज़ राजा शेर के लिए खाना बनाती है | आज महाराज शेर ने हमे पकड़ कर आपके लिए रात का भोजन खुद बनाने की योजना बनायीं है | शेरनी बोली तो शेर ने तुम्हे उसी समय क्यों नही मारा तुम अभी तक जिन्दा क्यों हो ? चमेली बोली क्योकि राजा शेर की योजना आपको बिलकुल ताज़ा डिनर कराने की है और उन्होंने कहा है कि मै अपनी शेरनी को एक दम फ्रेश डिनर की दावत दूँगा तुम्हे उसी समय मार कर | यह सुन कर शेरनी ने कहा क्या सही में यह सब शेर ने मेरे लिए प्लान किया है ?
चमेली बोली हाँ महारानी यह सब आपके लिए ही है | बस आप जा कर गुफा में इंतजार करें |
शेरनी- ठीक है ! किंतु तुम लोग मेरे जाते ही यहाँ से भाग गये तब |
चमेली बोली – नहीं हम नही भागेगे | क्योकि राजा ने उस खरगोश को हम पर नज़र रखने के लिए कहा है | यदि हम यहाँ से भागे तो वो हमारा पीछा कर लेगा और इसकी सूचना शेर तक पहुच जायगी | शेरनी ने बकरी की बात का यकीन कर लिया |
शेरनी बोली – ठीक है मै यहाँ से जाती हूँ और शेर को तुम्हारे पास भेजती हूँ | यह कह कर शेरनी भी वहा से चली गयी |
चमेली और उसके बच्चे ने चारो ओर देखा और जोर से दोड़ना शुरू कर दिया | दोनों कही नही रुके जब तक की वो किसान के घर नही पहुच गये जहा वो रहते थे| बाकि बच्चे माँ और अपने भाई को वापस देख बहुत खुश हुए |


Moral Of This Story:-
·       कभी भी समस्या से डरना नही चाहिए |
·       हमेशा किसी भी मुश्किल का सामना साहस और अपने विवेक से करना चाहिए |
·       बचने की उम्मीद कभी नही छोड़नी नही चाहिए |
·       बड़ी से बड़ी समस्या का हल शांत होकर सोचने से निकल जाता है, इसलिए कभी भी समस्या देख घबराना नही चाहिए |

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Sleep Stories For Kids In English:-

  • The Blue Jackal 
  • Tit For Tat
  • Truth Will Never Die
  • Akbar Birbal Stories For Kids
  • The Red Shoes

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