Motivational Story

Top 5 Best Motivational Story

Best Motivational Story in Hindi

 Top 5 Best Motivational Story in Hindi

  1. कबूतर और चूहे की कहानी [Motivational Story in Hindi]

एक दिन एक कबूतरों का झुंड जंगल के उपर मंडरा रहा था | तभी उन्होंने ज़मीन पर कुछ दाना बिखरा देखा | सभी ज़मीन पर उतर आये और दाना चुगने लगे | उन्होंने दाने के उपर पड़े जाल को नही देखा और वे सभी जाल में फंस गये |

सभी कबूतर अपने आपको आजाद करवाने के लिए जी जान लगाकर , पूरी ताकत के साथ अपने पंख फरफरा रहे थे कि किसी तरह उनकी जान बच जाये तभी कबूतरों के मुखिया ने कहा – “अब हम सबको मिलकर काम करना पड़ेगा ” क्योकि एकता में बहुत शक्ति होती हे और हर मुश्किल काम को बड़ी आसानी से पूरा किया जा सकता हे |Motivational Story in Hindi

उन्हें जाल में फंसा देख बहेलिया बहुत ही ज्यादा खुश हुआ | “ इतने सारे पंछी एक साथ फंस गये , आज तो मेरी कमाई पूरी हो गयी | ” ऐसा होने के बाद उसने पहले सोचा और निश्चय किया कि बह भोजन खाकर पंछियों को बेचने बाज़ार ले जायेगा |

ऐसा कहकर मुखिया ने सबसे कहा में जैसे ही पांच तक गिनती गिनुगा उसके साथ ही हम सभी को जोर लगाकर उड़ जाना है | गिनती के साथ ही सभी कबूतर जाल में फंसे फंसे ही उड़ गये और वे सभी इसमें कामयाब भी हुए | कबूतरों का झुंड काफी देर तक उड़ता रहा फिर एक चूहे के बिल के पास उतरा | कबूतरों के मुखिया ने अपने दोस्त चूहे को पुकारा |

चूहा झट से अपने परिवार सहित वहा आया और सबने फटा फट जाल काटकर कबूतरों को आजाद कर दिया |

 

  1. सुनहरा हंस और लालची औरत [Motivational Story in Hindi]

एक हंस था, जिसके पंख सुनहरे थे| वह एक तालाब में रहता था| उस तालाब के पास ही एक बूढ़ी औरत अपनी दो बेटियों के साथ रहती थी| परिवार पड़ोसियों की दया पर पल रहा था| हंस ने देखा कि बुढ़िया का जीवन कितनी कठिनाई से बीत रहा था|

हंस ने सोचा- “अगर मैं इसे एक-एक पंख देता हूँ, तो वह उसे बाज़ार में बेच कर धन कमा सकती है| इस तरह वे सुख से जीएगे|” एक दिन हंस उड़ा व उनके घर की टूटी-फूटी छप्पर वाली छत पर आ बैठा| उसे देख बुढ़िया बोली- “यहाँ क्या लेने आये हो? हमारे पास तुम्हे देने के लिये कुछ नहीं है|”

हंस ने कहा- “मैं तुम्हें सुनहरी पंख देने आया हूँ| तुम इसे बेच कर धन कमा सकती हो| मुझसे तुम्हारी ख़राब हालत देखी नही जाती|” यह कहकर हंस ने एक सुनहरा पंख झाड़ा और वहाँ से उड़ गया| वह हर सप्ताह उस बुढ़िया के लिए एक सुनहरा पंख छोड़ जाता|Motivational Story in Hindi

जल्दी वह गरीब औरत अमीर हो गयी| वह अपनी दो बेटियों के साथ सुख-चैन से रहने लगी, लेकिन वह बुढ़िया काफी लालची हो गयी थी| वह जल्दी से जल्दी सारे सुनहरे पंख पाना चाहती थी| एक दिन उसने बेटियों से कहा, “हम नही जानते कि हंस हमारी मदद के लिए कब तक आता रहेगा| अगली बार जब वह आयेगा तो मैं उसके सारे पंख नोच लूंगी|”

मायूस लड़कियों ने माँ को सलाह दी- “कृपया ऐसा मत करना, इससे तो हंस को चोट पहुचेगी|” लेकिन बुढ़िया ने तो पंख नोचने का पक्का फैसला कर लिया था|

अगली बार हंस आया तो बुढ़िया ने उसे पकड़ लिया व सारे पंख नोचने शुरू कर दिए| उसने यह भी नही सोचा कि हंस को कितनी तकलीफ हो रही होगी| तभी उसे यह देख कर झटका लगा कि नोचे गए सुनहरे पंख सादे पंखो में बदल गय थे|

सुनहरे हंस ने कहा- “मैं तुम्हारी मदद करता था पर तुमने मुझे मारना चाहा| अब मेरे पंख साधारण पंखो से ज्यादा कुछ नहीं हैं| मैं यहाँ से जा रहा हूँ और कभी नही लौटूगा|”

बुढ़िया ने अपने किये की माफ़ी माँगी, पर बहुत देर हो चुकी थी| सुनहरे हंस ने कहा- “दुबारा अब कभी लालच मत करना”, और उड़ गया| (Motivational Story in Hindi)

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