Jaise Ko Taisa Story In Hindi

Jaise Ko Taisa Story In Hindi (जैसे को तैसा)

भोला और शरद बहुत अच्छे दोस्त थे | अभी अभी भोला अपनी काफी धन-दौलत और जायदाद आदि गवा चूका था और वह बहुत उदास था | यह सब होने से वह एक बड़े शहर में जाकर अपनी किस्मत अजमाना चाहता था |भोला के पास काफी सारे लोहे के पुराने बर्तन थे | उन्हें लेकर वह शरद के घर आया और उससे विनती की कि वह उसके लौटकर आने तक उन बर्तन को अपने पास हिफाजत से रख ले |

एक साल गुजर जाने के बाद जब भोला ने वापस आकर शरद से जब अपने बर्तन मांगे तो उसने कहा , मित्र वो सारे बर्तन तो चूहे खा गये | यह सुनकर भोला बहुत दुखी हुआ और उसे पता था की उसका दोस्त शरद उसे झूठ बोल रहा हे परन्तु उसने कुछ नही कहा और चुपचाप वहा से चला गया | कुछ दिन बाद उसने शरद से कहा कि वह अपने बेटे को उसके साथ भेज दे |

उसने बताया कि वह बाहर से उसके लिए लाय गये उपहार उसे देना चाहता है | उपहार का नाम सुनते ही शरद ने फटाफट अपने बेटे को भोला के साथ भेज दिया | समय गुजरता गया और रात हो गई परन्तु शरद का बेटा वापस नही आया | शरद काफी चिंता में था तभी शरद और उसकी पत्नी भागे भागे भोल के घर पहुचे और पूछा की हमारा बेटा कहा है ?

Jaise Ko Taisa Story In Hindi
Jaise Ko Taisa Story In Hindi

 

भोला ने बताया की बहुत गजब हो गया, उसने बताया की घर वापस आते समय एक चील उनके बेटे को उड़ाकर ले गई | शरद बहुत गुस्सा हुआ और उसको समझने में देर न लगी की भोला उससे बदला ले रहा है | वह न्याय मागने राजमहल जा पंहुचा |

राजा ने उन दोनों को एक साथ मिलने के लिए दरबार में बुलाया | राजा ने भोला से पूछा, “ दस वर्ष के एक लड़के को चील उड़ाकर कैसे ले जा सकती हे ?” भोला ने झट से जबाब दिया, “हे राजाधिराज महाराज जब लोहे के बर्तन को चूहे खाने की तरह आराम से खा सकते है ठीक उसी प्रकार चील भी बड़ी  आसानी से लड़के को उड़ाकर आसमान में ले जा सकती है |”

शरद अब सब समझ चूका था और वह अपने आप पर बहुत शर्मिंदा हुआ उसे अपनी इस गलती का अहसास भी हुआ जिससे उसने  अपनी गलती मानते हुए उसने भोला को उसके सारे बर्तन वापस कर दिए और उससे माफ़ी भी मांगी |भोला ने भी उसे माफ़ करते उसके बेटे को मुक्त कर दिया और  अगले दिन शरद को  अपना बेटा भी  वापस मिल गया |

Moral of Jaise Ko Taisa Story In Hindi :-

  1. पहली सीख इस कहानी से की हम जैसा कर्म करते है हमे वैसा ही फल मिलता है
  2. किसी से छल द्वारा कोई चीज हड़प लेने से हमारी भी कोई कीमती वस्तु हमसे छिन जाती है
  3. किसी के भरोसा करने पर हमे कभी उसका विश्वास नही तोडना चाहिए

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Jaise Ko Taisa Story In Hindi “जैसे को तैसा”

“Tit For Tat” का हिंदी में अर्थ होता है “सीधा सौंप देना” या “जैसा कोई करता है, वैसा ही करना”। इसका मतलब होता है कि जब कोई व्यक्ति किसी के साथ वैसा ही व्यवहार करता है जैसा उसके साथ कोई दूसरा करता है, तो उसे भी वैसा ही करना चाहिए। यानी किसी की बुराई का सामर्थ्य उत्तरदायी हो सकता है, लेकिन यह एक प्रकार की प्रतिक्रिया होती है।

Jaise ko Taisa
Jaise Ko Taisa Story In Hindi

 

“जैसे को तैसा” एक प्रसिद्ध हिंदी मुहावरा है जो व्यक्ति के व्यवहार या कर्मों को समझाने के लिए प्रयुक्त होता है। इस मुहावरे का मतलब होता है कि जैसे कोई किसी स्थिति में व्यवहार करता है, वैसे ही उसके लिए परिणाम आ सकते हैं। यानी, किसी के कार्यों या आचरण के आधार पर उसके परिणाम हो सकते हैं, और यहां तक कि कोई दूसरा व्यक्ति भी उसी तरीके से कार्यवाही कर सकता है।

Jaise ko Taisa मुहावरे का उदाहरण दें, यदि कोई व्यक्ति दुसरों के साथ सहयोगपूर्ण और नेक तरीके से व्यवहार करता है, तो उसे भी दूसरे लोग उसी प्रकार के व्यवहार की प्रतिक्रिया देने की आशंका हो सकती है। इसका मतलब है कि हमें दूसरों के साथ बदलावपूर्ण और नेक व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि हमारे व्यवहार के आधार पर हमारे सामने भी वैसे ही प्रतिक्रिया आ सकती है।

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